हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम

हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम

हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम  विधेयक संसद के दोनो सदन द्वारा पारित किये जाने के वाद 21 सितमबर सन् 1956 को राष्ट्रपति की स्वीकृती प्राप्त कर लागू किया गया था।
 
हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम मे कुल 30 धाराये और 4 अध्याय है
 
हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम के अन्तगर्त दत्तक गृहण के वारे मे वताया गया है
 
हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम यह वताता है कि कव एक दत्तक वैध होगा और इसके लिए किन किन शर्तो का पालन करना आावश्यक है। 
हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम
हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम
 यहॉ दत्तक से तात्पर्य गोद लेने से है हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम hindu adoption and maintenance act लडको व लडकियो के गोद लेने के सम्वन्ध मे प्रावधान करता है यह वताता है। 
 
कि कव एक पति किस प्रकार एक पुत्र या पुत्री को गोद ले सकता है। या कव एक विधवा पत्नी किसी पुत्र या पुत्री को गोद ले सकती है पति और पत्नी आपस मे सहमत होकर भी किसी पुत्र या पुत्री को गोद ले सकते है। 
 
हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम एक वयस्क पुत्र या पुत्री को भी गोद लिया जा सकता है परन्तु उसके सम्बन्ध मे हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम मे अलग से प्रावधान है।

adoption and maintenance act in hindi

विध्मिन्य दत्तक को सावित करने के लिए हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम hindu adoption and maintenance act के अन्तर्गत मुख्य रूप से 3 आवश्यक तत्वो को सम्मिलित किया गया है।
  1. दत्तक मे दिये जाने वाले व्यक्ति की योग्यता यानी वह वालक या वालिका जो गोद लिया गया है वह किस योग्य होना चाहिए। 
  2. दत्तक देने और लेने मे पक्षकारो की सहमति यानी जिस व्यक्ति के द्वारा वालक गोद लिया गया है या जिस व्यक्ति के द्वारा वालक गोद दिया गया है आपस मे सहमत होने चाहिए।
  3. दत्तक लेने और देने का समारोह पूर्ण होना चाहिए। 

Section 6 of hindu adoption and maintenance act

एक विधिमान्य दत्तक गृहण के लिए आवश्यक शर्तो के सम्बन्ध मे हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम की धारा 6 प्राबधान करती है। धारा 6 वताती है कि कव एक दत्तक विधिमान्य नही होगा।
 
जिसमे निम्न शर्तो का वर्णन धारा 6 मे किया गया है।
  1.  दत्तक लेने वाला व्यक्ति दत्तक लेने की सार्मथ्य न रखता हो।
  2.  दत्तक देने वाला व्यक्ति ऐसा करने की सार्मथ्य न रखता हो।
  3.  दत्तक दिए जाने वाला व्यक्ति दत्तक दिए जाने योग्य न हो।
  4.  दत्तक इस अधिनियम मे दी गई अन्य शर्तो के पालन मे न किया गया हो।
इन चारो शर्तो की भाषा थोडी जटिल है इसे सरल भाषा मे समझते है।
 
पहली शर्त उस व्यक्ति के वारे मे है जो किसी वालक या वालिका को गोद लेता है हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम hindu adoption and maintenance act के आधार पर कौन व्यक्ति वालक गोद ले सकता है।
 
इस सम्बन्ध मे धारा 7 और 8 मे विस्तार से वताया गया है यानी पहली शर्त मे गोद लेने वाले व्यक्ति की सार्मथ्य का मतलव यह है। 
 
कि वह धारा 7 व 8 मे दिये गये नियमो को पूर्ण रूप से सन्तुष्ट करता है तो ऐसा व्यक्ति किसी वालक को गोद लेने के लिए सर्मथ समझा जाएगा। 

Section 7 of hindu adoption and maintenance act

हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम hindu adoption and maintenance act की धारा 7 वताती है कि किसी भी हिन्दू पुरूष को जो स्वस्थचित है यानी दिमागी रूप से स्वस्थ है। और वह अवयस्क नही है। वह किसी पूत्र या पुत्री को गोद ले सकता है। 
 
लेकिन यदि उसकी पत्नी जीवित है तो जब तक कि पत्नी पूर्ण और अन्तिम रूप से संसार का त्याग न कर चुकी हो यानी उसने सन्यास धारण न कर लिया हो। 
 
या वह हिन्दू न रह गई हो यानी उसने र्धम पनिवर्तन न किया हो या किसी सक्षम न्यायायल ने उसके बारे मे यह घोषित न कर दिया हो कि वह विकृत चित है तव तक वह अपनी पत्नी की सहमति के विना दत्तक नही लेगा। 
 
यानी सरल रूप मे कहें तो कोई भी हिन्दू पति उपर वतायी गई दशा को छोड कर किसी भी स्थति मे अपनी पत्नी की सहमति के विना किसी वालक को गोद नही ले सकता।
 
इस प्रकार यदि कोई हिन्दू पुरूष धारा 7 मे वताये गये नियम को पूरा करता है तो वह एक वैध दत्तक लेने के लिए सार्मथवान समझा जाएगा।

Section 8 of hindu adoption and maintenance act

इसी प्रकार धारा 8 एक हिन्दू नारी की दत्तक लेने की सामर्थ्य के वारे मे वताती है। 
 
हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम hindu adoption and maintenance act की धारा 8 वताती है कि कोई भी हिन्दू नारी जो स्वस्थचित है यानी दिमागी रूप से स्वस्थ है और वह अवयस्क नही है
 
यानी 18 वर्ष से कम नही है तो वह पुत्र या पुत्री दत्तक लेने की सामर्थ्य रखती है। 
 
लेकिन अगर उसका पति जीवित है तो वह अपने पति की सहमति से ही पुत्र या पुत्री दत्तक लेगी अन्यथा नहीं। जव तक पति पूर्ण और अन्तिम रूप से संसार का त्याग नही कर चुका है। 
 
या हिन्दू नही रह गया है या सक्षम अधिकारिता वाले किसी न्यायालय ने उसके वारे मे यह घोषित नही कर दिया है कि वह विकृतचित का है तव तक वह अपने पति की सहमति के विना दत्तक नही ले सकती। 

यानी धारा 6 मे दी गई पहली शर्त मे दत्तक लेने वाले व्यक्ति की सामर्थ्य का आकलन यदि वह पुरूष है तो धारा 7 के आधार पर और यदि महिला है तो धारा 8 के आधार पर होगा।

अब यहॉ वापस धारा 6 पर आते है धारा 6 की दूसरी शर्त वताती है कि दत्तक देने वाला व्यक्ति ऐसा करने की सार्मथ्य न रखता हो। यहॉ दत्तक देने वाले व्यक्ति की वात कही गई है। 
 
यानी वह व्यक्ति जो पुत्र या पुत्री को गोद देता है इसके सम्बन्ध मे हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम की धारा 9 प्रावधान करती है।

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Section 9 of hindu adoption and maintenance act

 हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम की धारा 9 उस व्यक्ति की सक्षमता के वारे मे वताता है जो व्यक्ति दत्तक देता है धारा 9 प्रावधान करती है।
  1. कि किसी भी गोद दिये जाने वाले वालक को सिर्फ उसके माता पिता या संरक्षक द्वारा ही गोद दिया जा सकता है यानी दत्तक देने की सामर्थ्य सिर्फ वालक के माता पिता या संरक्षक को ही है अन्य कोई व्यक्ति दत्तक देने योग्य नही है।
धारा 9 यह भी वताती है कि किसी वालक को गोद देने के सम्वन्ध मे वालक के माता व पिता के समान अधिकार प्राप्त होगे।
 
और यहॉ दत्तक देते समय माता व पिता दोनो की सहमति होना आवश्यक है पिता विना माता की सहमति के व माता विना पिता की सहमति के दत्तक नही दे सकती 
 
लेकिन यदि माता पिता मे से किसी एक के द्वारा पुर्ण और अन्तिम रूप से संसार का त्याग कर दिया गया है या वह हिन्दू नही रहा है।  
 
या सक्षम अधिकारिता वाले किसी न्यायालय ने उसके वारे मे यह घोषित कर दिया है कि वह विर्कतचित्त का है तव ऐसी सहमति प्राप्त करना आवश्यक नही है 

जहॅा माता और पिता दोनो मर चुके हो या पुर्ण और अन्तिम रूप से संसार का त्याग कर चुके हो या 
 
वह हिन्दू नही रहे हो या सक्षम अधिकारिता वाले किसी न्यायालय ने उनके वारे मे यह घोषित कर दिया हो कि वह विर्कतचित्त है। 
 
या जहॉ कि वालक की जनकता ज्ञात न हो यानी यह पता न चल सका हो की वालक के माता पिता कौन है
 
वहॉ उस वालक का संरक्षक न्यायालय की पूर्व अनुमति से उस वालक को किसी भी व्यक्ति को गोद दे सकता है। 
 
जिसके अन्तर्गत वह स्ंवम भी आता है यानी वालक का संरक्षक चाहे तो न्यायालय की अनुमति से वालक को स्ंवम भी गोद ले सकता है

यहॉ न्यायालय यदि किसी संरक्षक को इस प्रकार दत्तक देने की अनुमति देता है तब न्यायालय अनुमति देते समय कुछ महत्वपूर्ण वातो का ध्यान रखेगा। 
 
जैसे की यदि वालक की आयु और उसकी समझ इस प्रकार की है की वह दत्तक दिये जाने के सम्बन्ध मे अपनी इच्छा दे सकता है। 
 
तव न्यायालय वालक की इच्छा को ध्यान मे रखकर ऐसी अनूमति देगा न्यायालय यह भी ध्यान मे रखकर अनुमति देगा। 
 
कि वालक को इस प्रकार दत्तक देना वालक के जीवन के लिए कल्यानकारी होगा या नही और न्यायालय यह भी देखेगा
 
की दत्तक देने वाले व्यक्ति ने दत्तक देने के सम्बन्ध मे कोई ऐसा धन या इनाम तो प्राप्त नही किया है जिसकी मंजूरी न्यायालय द्वारा न दी गई हो।

तो इस प्रकार
hindu adoption and maintenance act धारा 9 दत्तक देने वाले व्यक्ति की सामर्थ्य के वारे मे वताती है अब यहॉ वापस वात करते है धारा 6 की अव यहॉ देखना है की धारा 6 की तीसरी शर्त क्या कहती है। 

धारा 6 की तीसरी शर्त है कि दत्तक दिए जाने वाला व्यक्ति दत्तक दिए जाने योग्य न हो। 
 
इस सम्बध मे हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम की धारा 10 प्रावधान करती है धारा 10 वताती है कि कौन व्यक्ति दत्तक लिये जा सकते है।

Section 10 of hindu adoption and maintenance act

धारा 10 कहती है कि कोई भी व्यक्ति इत्तक लिए जाने योग्य न होगा जब तक कि निम्नलिखित शर्ते पूरी न हो
  1.  वह हिन्दू होना चाहिए।
  2.  वह पहले से दत्तक नही लिया जा चुका हो या ली जा चुके हो। यानी यहॉ यह मतलव है कि किसी भी वालक को उसके दत्तक पिता या दत्तक माता द्वारा पुनः किसी अन्य को दत्तक नही दिया जा सकता।
  3.  उसका विवाह नही हूआ हो तव के सिवाय जव कि पक्षकारो को लागू हाने वाली कोई ऐसी रूढी या प्रथा हो जो विवाहित व्यक्तियो का दत्तक लिया जाना अनुज्ञात करती हो यहॉ यह मतलव है कि किसी भी विवाहित को गोद नही लिया जा सकता लेकिन यदि जिन पक्षकारो द्वारा गोद लिया जा रहा है उनके यहॅा यदि कोई ऐसी प्रथा है कि विवाहित व्यक्ति को गोद लिया जाता रहा है तो इस प्रकार विवाहित को भी गोद लिया जा सकता है प्रथा क्या होती है इस वारे मे तो आप सव जानते ही होगे।
  4. उसने 15 वर्ष की आयू पूरी न की हो तव के सिवाय जव कि पक्षकारो को लागू हाने वाली कोई ऐसी रूढी या प्रथा हो जो ऐसे व्यक्तियो का जिन्होने 15 वर्ष की आयू पूरी कर ली है  दत्तक लिया जाना अनुज्ञात करती हो यहॉ भी पूर्व की तरह ही मतलव है यानी ऐसे किसी व्यक्ति को गोद नही लिया जा सकता है जिसकी उम्र 15 वर्ष से अधिक है लेकिन यदि जिन पक्षकारो द्वारा गोद लिया जा रहा है उनके यहॅा यदि कोई ऐसी प्रथा है  कि 15 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को गोद लिया जाता रहा है तो इस प्रकार 15 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को भी गोद लिया जा सकता है।
इस प्रकार धारा 10 वताती है कि दत्तक लिए जाने वाले व्यक्ति की क्या सक्षमता होनी चाहिए। 

अव वात करते है धारा 6 की अन्तिम और चौथी शर्त की अन्तिम शर्त कहती है की  दत्तक  इस अधिनियम मे दी गई अन्य शर्तो के पालन मे न किया गया हो। 
 
अव पता करते है कि वह अन्य शर्ते कौन सी है तो इसके वारे मे हिन्दू दत्तक एंव भरण पोषण अधिनियम की धारा 11 वताती है।

Section 11of hindu adoption and maintenance act

धारा 11 कुछ आवश्यक शर्तो का वर्णन करती है जिनका पूर्ण होना एक विधिमान्य दत्तक के लिए अतिआवश्यक है वे शर्ते है -

  1.  यदि गोद लिया जाने वाला वालक पूत्र है तव गोद लेने वाले माता पिता यानी जिनके द्वारा पु़त्र गोद लिया जा रहा है का कोई हिन्दू पुत्र या पुत्र का पुत्र या फिर पुत्र के पुत्र का पुत्र चाहे वह धर्मज नातेदारी से हो या दत्तक से दत्तक लेते समय जीवित नही होना चाहिए । यानी किसी पूत्र को गोद लेते समय गोद लेने वाले माता पिता का कोई वेटा नाती या परनाती गोद लेते समय जीवित नही होना चाहिए चाहे ऐसा पुत्र पूर्व मे गोद ही क्यो न लिया गया हो।
  2. यदि गोद लिया जाने वाला वालक पूत्री है तव गोद लेने वाले माता पिता यानी जिनके द्वारा पु़त्री को गोद लिया जा रहा है की कोई हिन्दू पुत्री या पुत्री की पुत्री चाहे वह धर्मज नातेदारी से हो या दत्तक से दत्तक लेते समय जीवित नही होनी चाहिए ।
  3.  यदि दत्तक किसी पुरूष द्वारा लिया जा रहा है और यदि गोद लिया जाने वाला वालक पुत्री है तव दत्तक लेने वाला पिता गोद ली जाने वाली पुत्री से उम्र मे कम से कम 21 वर्ष वडा होना चाहिए ।
  4. यदि दत्तक किसी महिला द्वारा लिया जा रहा है और यदि गोद लिया जाने वाला वालक पुत्र है तव दत्तक लेने वाली माता गोद लिये जाने वाले पुत्र से उम्र मे कम से कम 21 वर्ष वडी होनी चाहिए ।
  5.  एक ही वालक को एक साथ दो या दो से अधिक व्यक्तियो द्वारा गोद नही लिया जा सकता।
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Anonymous
admin
9.9.20 ×

nice artical

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Anonymous
admin
13.6.21 ×

thanks...

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