Permanent alimony and maintenance in Hindi

Permanent alimony and maintenance in Hindi

Hindu Marriage Act 1955 Section-25 स्थायी निर्वाह व्यव Permanent alimony and maintenance in Hindi के बारे में बताती है।
Section 25 of Hindu Marriage Act in Hindi,Section-25  Permanent Alimony And Maintenance
Permanent alimony and maintenance in Hindi
 
Section-25 पति या पत्नी में से किसी व्यक्ति को ऐसी पूर्ण राशि जो उसके जीवन कल के लिए भरण-पोषण हेतु Court द्वारा किसी मुकदमे में 
 
जो हिन्दू मैरिज एक्ट के अंतर्गत निणीत किया गया हो के अंतिम आदेश या डिक्री को पारित करते समय या उसके बाद किसी भी समय एक पछकार को देने की आज्ञा दे सकता है। 

यहाँ अगर Court को आवश्यक लगे तो इस प्रकार निर्धारित धनराशि की बसूली धनराशि जमा करने बाले व्यक्ति की अचल संपत्ति (Immovable Property) से की जा सकती है। 
 
यानि यह बो धनराशि है जो Court के द्वारा आदेश पारित कर दूसरे पछकार को अपने पूर्ण जीवन काल के भरण-पोषण के लिए एक ही बार में उपलब्ध करा दी जाती है। 
 
यहाँ अगर Court न्यायालय इस बात से संतुस्ट हो जाता है कि परिस्थिति बदल गयी है तब Court आवश्यक समझे तो किसी पछकार के आवेदन पर परवर्तन कर सकता है या समाप्त भी कर सकता है। Permanent alimony and maintenance in Hindi
 
और यहाँ यह भी है की अगर Court द्वारा ऐसा कोई आदेश पारित कर दिया गया है लेकिन पछकार द्वारा दूसरी शादी कर ली गयी है। तो Court यदि आवश्यक समझे तो परवर्तन या समाप्त कर सकता है। 
 

आसान शब्दों में कहे तो 

 जब Court कोई ऐसा आदेश पारित करेगा जिसमे पछकारो के बीच विवाह सम्बन्ध समाप्त होता है 
तब Court पत्नी को अपने पुरे जीवन काल भरण-पोषण हेतु एक ही बार में पति से धनराशि दिला सकता है। 
 
और अगर परिस्थिति पार्वतित हो तो न्यायालय Court ऐसे आदेश में बदलाव भी कर सकता है।  
 
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हिन्दू दत्तक एवं भरण पोषण अधिनियम

permanent alimony under hindu law

 भाउ साहब VS लीलाबाई AIR 2007 
 
भाउ  साहब और लीलाबाई के मामले Court में कहा गया कि जहा पछकारो के बीच विवाह अकृत और शून्य (Null and Void) है
 
बहा Hindu Marriage Act 1955 Section-25 के अधीन भरण-पोषण के लिए पत्नी हक़दार नहीं होगी। 
 
रामपाल VS सुरेंदर कौर 
 
रामपाल और सुरेंद्र कौर के मामले में Court द्वारा कहा गया कि जीवन निर्वाह के प्रश्न का विनिस्चय करते समय या कहे तो 
 
Section-25 के अंतर्गत धनराशि निर्धारित करते समय न्यायालय को पति की आय अन्य स्रोत और संपत्ति तथा पति की आय और स्रोत और पछकारो के आचरण पर विचार करना चाहिए।
 
सरदार परमजीत सिंह VS अमरजीत कौर AIR 2006 
 
सरदार परमजीत सिंह और  अमरजीत कौर के मामले में Court द्वारा कहा गया कि पति के विवाह सम्बन्ध जारी रहने के दौरान और मुख्य रूप से तब जब बह रोग से पीडित थी।
 
पत्नी का भरण-पोषण करना पति का कर्तब्य है जब इलाज में अधिक खर्चा हो रहा हो। Permanent alimony and maintenance in Hindi
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