समन क्या है What is summons in CPC

समन क्या है What is summons in CPC

सिविल प्रक्रिया सहिंता 1908 का आदेश-5 समन के बारे में बताता है What is summons in CPC कि समन कोर्ट द्वारा कब जारी किया जायेगा तथा उसकी तामील कब और कैसे कराई जाती है तथा इसकी क्या प्रक्रिया होती है। 
आदेश-5 नियम-1 | Order-5 Rule-1 in CPC,आदेश-5 नियम-1 | Order-5 Rule-2,आदेश-5 नियम-1 | Order-5 Rule-3,Order-5 Rule-4,Order-5 Rule-5,Order-5 Rule-6,Order-5 Rule-7,Order-5 Rule-8
समन क्या है What is summons in CPC
यहाँ तामील का मतलब जिस व्यक्ति के लिए समन निकला गया है  या जारी किया गया है।
 
और ऐसे समन की सूचना उस व्यक्ति को हो जाती है। तब माना जायेगा की समन तामील हो गया है  आदेश-5 में कुल 30 नियम है।  जो समन के सम्बन्ध में प्रक्रिया को बताते है।
 
आदेश-5 नियम-1  
 
आदेश-5 नियम-1  समन के बारे में यह बताता है कि जब मुक़दमा Court में दायर हो चुका हो तब प्रतिवादी यानि जिस व्यक्ति के खिलाफ मुक़दमा दायर किया गया है के नाम से उस व्यक्ति को यह सुचना देने के लिए कि बह ऐसी सूचना प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर Court में पेस या उपस्थित हो। 
 
और उसके खिलाफ दायर किये गए मुकदमे या दावे का उत्तर दे। तथा अपनी प्रतिरक्षा का लिखित कथन यानि सूचना देने के लिए WS- Written Statemant दाखिल करने के लिए Court द्वारा समन  निकला जायेगा
 
लेकिन जब प्रतिवादी मुक़दमा दायर होने के समय ही कोर्ट में उपस्थित हो जाये और वादी यानि का दावा स्वीकार कर ले तो कोई समन नहीं निकाला जायेगा। 
 
यहाँ अगर प्रतिवादी सूचना प्राप्त हो जाने के 30 दिनों के भीतर अगर लिखित कथन या दावे का उत्तर नहीं दे पता है तो court ऐसे लिखित कथन हो दाखिल करने के लिए प्रतिवादी को अतरिक्त समय दे सकती है। 
 
लेकिन इस प्रकार दिया गया समय तामील की दिनांक से 90 दिन से अधिक नहीं होगा। यहाँ बह प्रतिवादी जिसके नाम पर समन जारी किया गया है स्वम या अपने प्लीडर द्वारा Court  में उपस्थित हो सकता है। 
 
हर ऐसा समन न्यायधीश द्वारा या ऐसे अधिकारी द्वारा जो बह नियुक्त करे हस्ताक्षरित होगा और उस पर न्यायालय की मोहर बनी होगी। 
 
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आदेश-5 नियम-2 समन के बारे में यह बताता है कि हर समन के साथ वाद-पात्र की एक Copy होगी।

आदेश-5 नियम-3

आदेश-5 नियम-3 समन के बारे में यह बताता है कि Court अगर चाहे या कोई  उचित कारण हो तो समन में ही यह आदेश दे सकता है कि प्रतिवादी या वादी समन में दी गयी तारीख को Court में स्वम उपस्थित हो। 

आदेश-5 नियम-4

आदेश-5 नियम-4  समन के बारे में यह बताता है कि किसी भी व्यक्ति को समन द्वारा स्वम उपस्थित होने के लिए तब-तक आदेश नहीं दिया जा सकता जब-तक की बह :-
  1. Court की स्थानीय सीमाओं के भीतर निवास नही करता है। 
  2. यदि Court अपनी स्थानीय सीमाओं से बाहर निवास करने वाले व्यक्ति को स्वम उपस्थित होने का आदेश देगा भी तो यह ध्यान में रखते हुए आदेश देगा। 
  3. कि ऐसा व्यक्ति Court से 50 मील से अधिक या यदि रेल अदि की विवस्था है तो 200 मील से अधिक दूरी के स्थान में निवास न करता हो।
आदेश-5 नियम-5

आदेश-5 नियम-5 समन के बारे में यह बताता है कि यदि समन बाद यानि मुकदमे के अंतिम निस्तारण के लिए है तो यह समन (summons) पर लिखा होगा। 
 
और यदि मुकदमे से सम्बंधित किसी विवाद यानि Issues के लिए है तो भी समन (summons) पर लिखा जायेगा। 
 
यहाँ यह भी बताया गया है कि लघुवाद न्यायालय (Small Cause Court) द्वारा कोई समन निकला जायेगा तो बह वाद के अंतिम निस्तारण हेतु ही समझा जायेगा। 

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आदेश-5 नियम-6

आदेश-5 नियम-6  समन (summons) के बारे में यह बताता है कि समन में प्रतिवादी के उपस्थित होने के लिए दिन व् समय निश्चित किया जायेगा। What is summons in CPC
 
जो समन पर लिखा होगा ऐसा दिन व् समय यह ध्यान में रखते हुए नियत किया जायेगा कि उस दिन न्यायालय का कार्य चालू हो तथा प्रतिवादी को उपस्थित होने के लिए व् समन की तामील के लिए उचित समय मिल सके।

आदेश-5 नियम-7
 
आदेश-5 नियम-7  समन (summons) के बारे में यह बताता है कि समन प्रतिवादी को यह आदेश भी देता है कि बह अपने पास रखे ऐसे सभी दस्तावेज जो मुकदमे के सम्बन्ध में आवश्यक है साथ लाये और आकर न्यायालय में प्रस्तुत करे। 

आदेश-5 नियम-8

आदेश-5 नियम-8 समन के बारे में यह बताता है कि जहा समन वाद यानि मुकदमे के अंतिम निस्तारण के लिए उपस्थित होने हेतु निकला गया है What is summons in CPC
 
वहाँ समन यह आदेश भी प्रतिवादी को देगा कि बह ऐसे सभी साक्षी यानि गबाह जो बह अपने मुकदमे के सम्बन्ध में न्यायालय में पेस या प्रस्तुत करना चाहता है सभी को उपस्थिति के दिन प्रस्तुत करे।

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