मकान-मालिकों के 8 कानूनी अधिकार

मकान-मालिकों के 8 कानूनी अधिकार 

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका अपने ब्लॉग ज्ञानी लॉ में आज हम बात करने बाले है मकान-मालिकों के 8 कानूनी अधिकार में बारे में 
 
कि आखिर सरकार द्वारा मकान मालिकों को क्या अधिकार प्राप्त है तो चलिए शुरू करते है। तो अगर आप भी एक मकान मालिक है तो यह लेख आपके लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

आज के दौर में महगाई होने के कारण अक्सर लोग अतरिक्त आमंदनी के लिए अपने मकान या दुकान को किराये पर दे देते है लेकिन कई बार यह देखा जाता है।

कि किरायेदार मकान मालिक की संपत्ति पर स्वयं का हक़ ज़माने लगते है और उसे खाली करने से इंकार कर देते है, अब ऐसी स्थति में आपकी संपत्त पर कोई और कब्ज़ा कर ले तो आपको एक बड़ी मुसीबत से जूझना पड़ सकता है।

तो ऐसी स्थति में एक मकान मालिक को क्या करना चाहिए या क्या है उनके अधिकार जिनके द्वारा बह अपनी संपत्ति को आसानी से खाली करवा सकते है।

मकान मालिकों के कानूनी अधिकार

  1. यदि किरायेदार आपके मकान में रह रहा है और उसने पिछले 4 माह या उससे अधिक समय से आपको किराया नहीं दिया है तो आप उस किरायेदार से मकान खाली करवा सकते है। 
  2. इसी के साथ अगर किरायेदार आपका मकान या दुकान किराये पर लेने के बाद उसे किसी और को दे देता है तब भी आप उससे मकान या दुकान खाली करवा सकते है। 
  3. या किरायेदार मकान या दुकान में कोई तोड़-फोड़ या बदलाब कर रहा है या किसी प्रकार का निर्माण कर रहा है तब भी आप उससे अपना मकान खाली करवा सकते है। 
  4. इसी के साथ अगर मकान-मालिक वरिष्ठ नागरिक है यानि उसकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है या बह सैनिक पद से रिटार्ड है या किसी भी सरकारी सेवा से रिटायर्ड है, तो बह अपना मकान तुरंत खाली करवा सकता है। 
  5. इसी के साथ यदि कोई महिला मकान-मालिक विधवा है या कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं है और उसे अपनी संपत्ति की आवश्यकता है तो भी बह अपना मकान तुरंत खाली करवा सकता है। 
  6. और यदि किरायेदार परिसर में न्यूसेंस कारित करता है तब भी आप अपना मकान खाली करवा सकते है।
  7.  इसके साथ यदि मकान-मालिक को खुद की आवश्यकता के लिए संपत्ति की आवश्यकता है तब भी बह मकान या दुकान खाली करा सकते है। 
  8. इसके अलावा अगर किरायेदार ने मकान या दुकान किसी काम के लिए लिया और बह उस संपत्ति पर अन्य कार्य कर रहा है तब भी आप अपना मकान या दुकान खाली करा सकते है। 

 इसे भी पढ़े :- किरायेदार के 10 कानूनी अधिकार

यह थे मकान-मालिकों के 8 कानूनी अधिकार जिसके द्वारा आप अपना मकान या दुकान किरायेदार से तुरंत खाली करवा सकते है।

अब बात करते है कि मकान या दुकान किराये पर देते समय आपको किन-किन बातो का ध्यान रखना चाहिए ताकि भविष्य में आपको कोई परेशानियों का सामना न करना पड़े।

मकान किराये पर देने के नियम

  1. अपनी दुकान या मकान किराये पर देने से पहले उस व्यक्ति का पुलिस वारीफिकेशन जाँच ले। 
  2. किरायेदार की पूरी जानकारी ले -उसका बैकग्राउंड ,क्या करता है ,कहा से है आदि 
  3. किराये पर देते समय एग्रीमेंट 500 के स्टाम्प पर करवाए और उसे रजिस्टर भी करवाए कई बार देखा जाता है कि लोग 100 रूपये के स्टेम पर एग्रीमेंट करवा लेते है और उसको रजिस्टर भी नहीं करवाते बाद में फिर जब कोई विवाद होता है तो कठनाईयो को सामना करते है। 
  4. किरायेनामे में किराये से सम्बंधित सभी चीजों का वर्णन कीजिये जैसे - समय, सुबिधाये, विजली व् पानी, किराया, किराया कब व् कितना बढ़ाया जायेगा आदि। 
  5. साथ ही एग्रीमेंट में यह भी बताये की किराये पर आपने क्यों दिए यानि किराये पर देने का कारण और साथ ही एग्रीमेंट में सारी बातो को स्पस्ट रखे हर चीज का उल्लेख करें ताकि बाद में कोई कानूनी वाधा में आपको दिक्कत न हो।  
नोट -: अगर आपका इस प्रकार का कोई मुक़दमा कोर्ट में लंबित है या पेंडिंग है तो आप हाई कोर्ट जाकर हाई कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई की गुजारिश कर सकते है।

तथा हाई कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई के लिए आदेश प्राप्त कर सकते है उसके बाद हाई कोर्ट निचली अदालत को जो समय सीमा देगा अदालत को आपका मामला उसी समय सीमा के अंदर निपटना होगा।

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और अगर आपका कोई प्रश्न है तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताये हम पूरी कोसिस करेंगे की आपके पूछे गए प्रश्नो के उत्तर अवश्य दे। धन्यवाद 

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